1600 से 1950 तक भारत के संविधान के विकास की महत्वपूर्ण Dates और घटनाएँ

1600 से 1950 तक भारत के संविधान के विकास की महत्वपूर्ण Dates और घटनाएँ

Constitutional Development of India: 1600 से 1950 तक की पूरी कहानी 1600 से 1950 तक भारत के संविधान के विकास की महत्वपूर्ण Dates और घटनाएँ 🇮🇳 एक Company भारत आई थी व्यापार करने… लेकिन धीरे-धीरे वही Company भारत पर शासन करने लगी! सोचिए, एक विदेशी Company समुद्र पार से भारत आती है। उसका उद्देश्य क्या … Read more

Charter Act, 1853 kya hai ? || जब East India Company के शासन में बदलाव की घंटी बज गई

Charter Act, 1853 kya hai ?

Charter Act, 1853: जब East India Company के शासन में बदलाव की घंटी बज गई सोचिए… एक ऐसी East India Company, जो कभी भारत में सिर्फ व्यापार करने आई थी, धीरे-धीरे इतनी ताकतवर हो गई कि उसके हाथ में विशाल भारतीय क्षेत्र का शासन आ गया। 1773 में British Parliament ने कहा— “Company को अब … Read more

Charter Act, 1833: जब East India Company व्यापारी से सिर्फ शासक बन गई

Charter Act, 1833:

Charter Act, 1833: जब East India Company व्यापारी से सिर्फ शासक बन गई सोचिए… एक कंपनी भारत में व्यापार करने आई थी। पहले उसका लक्ष्य था— माल खरीदना → माल बेचना → profit कमाना। फिर धीरे-धीरे कहानी बदलती गई। कंपनी के पास सेना आई। फिर राजस्व वसूलने की शक्ति आई। फिर territories आईं। फिर administration … Read more

Charter Act, 1813: जब East India Company के व्यापार पर पहली बड़ी चोट लगी

Charter Act, 1813: जब East India Company के व्यापार पर पहली बड़ी चोट लगी

Charter Act, 1813: जब East India Company के व्यापार पर पहली बड़ी चोट लगी   पिछली कहानी में हमने देखा कि Pitt’s India Act, 1784 के बाद East India Company के political affairs पर British Government की पकड़ मजबूत हो चुकी थी। लेकिन एक सवाल अभी भी बाकी था— अगर कंपनी भारत में शासन कर … Read more

Pitt’s India Act, 1784: जब ब्रिटिश सरकार ने कहा—“कंपनी भारत चलाएगी, लेकिन अब हमारी निगरानी में!”

Pitt’s India Act, 1784:

Pitt’s India Act, 1784: जब ब्रिटिश सरकार ने कहा—“कंपनी भारत चलाएगी, लेकिन अब हमारी निगरानी में!” सोचिए… एक कंपनी भारत में व्यापार करने आई थी। लेकिन अब उसके पास— सेना थी, पैसा था, जमीन थी, राजस्व वसूलने की शक्ति थी और सबसे बड़ी बात—राजनीतिक सत्ता थी। ब्रिटेन में बैठे लोग इस पूरे खेल को देख … Read more

Supreme Court at Calcutta: जब भारत में पहली बार एक बड़ी अदालत ने कंपनी के शासन को चुनौती दी

Supreme Court at Calcutta: जब भारत में पहली बार एक बड़ी अदालत ने कंपनी के शासन को चुनौती दी कल्पना कीजिए… साल है 1774। जगह है Calcutta। शहर में East India Company का दबदबा बढ़ चुका है। कंपनी अब सिर्फ कपड़े और मसालों का व्यापार नहीं कर रही। उसके पास जमीन है, राजस्व वसूलने की … Read more

Act of Settlement, 1781: जब 1773 का कानून उल्टा ही झगड़ा पैदा करने लगा!

Act of Settlement, 1781

Act of Settlement, 1781: जब 1773 का कानून उल्टा ही झगड़ा पैदा करने लगा! सोचिए… ब्रिटिश Parliament ने 1773 में एक कानून बनाया। उद्देश्य बिल्कुल साफ था— East India Company को नियंत्रित करना है, भारत में प्रशासन सुधारना है और कंपनी के अधिकारियों की मनमानी कम करनी है। कानून का नाम था— Regulating Act, 1773. … Read more

Regulating Act, 1773 क्या था? जब ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी से कहा—“अब हिसाब देना पड़ेगा!”

Regulating Act, 1773 क्या था?

Regulating Act, 1773: जब ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी से कहा—“अब हिसाब देना पड़ेगा!” कल्पना कीजिए… एक ऐसी कंपनी है जो भारत में व्यापार करने आई थी। शुरुआत में उसका काम था—मसाले खरीदना, कपड़े खरीदना और उन्हें यूरोप में बेचना। लेकिन धीरे-धीरे वही कंपनी इतनी ताकतवर हो गई कि अब वह सिर्फ … Read more

जब Company ने तलवार से ज्यादा ताकत कलम और Tax से हासिल की ||Diwani Rights of 1765

Diwani Rights of 1765

Diwani Rights of 1765 जब Company ने तलवार से ज्यादा ताकत कलम और Tax से हासिल की कल्पना कीजिए… एक तरफ युद्ध खत्म हो चुका है। 22 अक्टूबर 1764 — Battle of Buxar। बक्सर के मैदान में East India Company की सेना ने मीर कासिम, अवध के नवाब शुजा-उद-दौला और मुगल सम्राट शाह आलम द्वितीय … Read more

Battle of Buxar क्या था?

Battle of Buxar — 1764 जब बक्सर के मैदान में तय हुआ कि भारत में असली ताकत किसकी होगी कल्पना कीजिए… साल है 1764। भारत की जमीन पर अंग्रेजी East India Company अब पहले जैसी सिर्फ व्यापार करने वाली कंपनी नहीं रह गई थी। 1757 का Plassey का युद्ध जीतने के बाद Company ने बंगाल … Read more